देहरादून। आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव-2027 की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की चुनावी राजनीति में बड़ा कदम उठाते हुए 17 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (Registered Unrecognized Political Parties – RUPPs) को चुनावी प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। यह कार्रवाई उन दलों के खिलाफ की गई है, जो लंबे समय से निष्क्रिय थे या निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं कर रहे थे।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड में 42 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल थे। आयोग की ताजा कार्रवाई के बाद अब इनकी संख्या घटकर 25 रह गई है, जो आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ने के पात्र होंगे।
इन कारणों से हुई कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की जांच में सामने आया कि कई राजनीतिक दल पिछले छह वर्षों से किसी भी चुनाव में सक्रिय रूप से शामिल नहीं हुए। इसके अलावा कई दलों ने निर्वाचन आयोग को समय-समय पर अनिवार्य रूप से जमा किए जाने वाले वार्षिक ऑडिट रिपोर्ट, वित्तीय रिटर्न, अंशदान रिपोर्ट और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ दल अपने पंजीकृत कार्यालय के पते पर मौजूद नहीं थे, जबकि कुछ दलों की गतिविधियां पूरी तरह बंद हो चुकी थीं। ऐसे दलों को पहले नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग ने उन्हें पंजीकृत सूची से हटाने का निर्णय लिया।
सात नए दलों ने किया आवेदन
जहां एक ओर 17 दलों को सूची से हटाया गया है, वहीं दूसरी ओर सात नए राजनीतिक दलों ने उत्तराखंड में पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। इन आवेदनों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी है। जांच पूरी होने के बाद निर्वाचन आयोग इन दलों के पंजीकरण पर अंतिम निर्णय लेगा।
इन दलों को सूची से हटाया गया
निर्वाचन आयोग द्वारा हटाए गए 17 दलों में शामिल हैं—
भारत परिवार पार्टी (हरिद्वार)
भारतीय जनक्रांति पार्टी (देहरादून)
भारतीय सम्राट सुभाष सेना (हरिद्वार)
भारत क्रांति दल (हरिद्वार)
भारतीय मूल निवासी समाज पार्टी (देहरादून)
भारतीय अंत्योदय पार्टी (देहरादून)
भारतीय ग्राम नगर विकास पार्टी (देहरादून)
गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट (देहरादून)
हमारी जनमंच पार्टी (देहरादून)
मैदानी क्रांति दल (देहरादून)
पीपुल्स पार्टी (हरिद्वार)
प्रजामंडल पार्टी (श्रीनगर गढ़वाल)
प्रजातंत्र पार्टी ऑफ इंडिया (रामनगर)
राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी (हरिद्वार)
राष्ट्रीय जन सहायता दल (देहरादून)
सुराज सेवा दल (हल्द्वानी)
उत्तराखंड जनशक्ति पार्टी (देहरादून)
चुनाव आयोग का उद्देश्य
निर्वाचन आयोग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनावी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सक्रिय बनाना है। आयोग चाहता है कि केवल वही राजनीतिक दल चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा रहें, जो निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं।
अब आगे क्या?
आयोग की इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड की चुनावी राजनीति में सक्रिय दलों की संख्या कम हो गई है। माना जा रहा है कि आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में मुकाबला अपेक्षाकृत कम दलों के बीच होगा, जबकि नए पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले दलों पर आयोग के फैसले के बाद राजनीतिक समीकरणों में और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

शहरयार आसिम
सम्पादक – काशीपुर समय
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