देहरादून: प्रदेश में राफ्टिंग के लिए अधिसूचित नदियों पर अब अवैध राफ्टिंग का संचालन करने वाले लोगों की न सिर्फ राफ्ट जब्त की जाएगी. साथ ही एक लाख रुपए का जुर्माना भी वसूला जाएगा. इसके साथ ही 60 साल की आयु वाले भी रोजगार की पतवार चला सकेंगे. सीएम धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान पर्यटन विभाग ने रिवर राफ्टिंग, कयाकिंग नियमावली 2014 में संशोधन का प्रस्ताव रखा. जिस पर मंत्रिमंडल ने सहमति जाता दी है. साथ ही रिवर राफ्टिंग/ कयाकिंग (संशोधन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी है.
राफ्टिंग/ कयाकिंग नियमावली में कई महत्वपूर्ण संशोधन किये गये हैं. इन संशोधन के बाद राफ्टिंग को प्रदेश में सही तरीके से रेगुलेट किया जा सकेगा. साथ ही नियमावली संशोधन के बाद राफ्टिंग के क्षेत्र में रोजगार के अवसर भी खुलेंगे.
नियमावली में कई महत्वपूर्ण संशोधन
साहसिक जल क्रीड़ा गतिविधि (रिवर राफ्टिंग / वाईट वाटर क्याकिंग) में किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कुल 5 साल की अवधि का लाइसेंस धारक होना चाहिए.
नदी की धारण क्षमता के अनुसार गंगा नदी में अवशेष क्षमता की दशा में उन फर्मों को प्राथमिकता दी जाये, जो कि अन्य नदियों में राफ्टिंग संचालन का कार्य कर रहे हैं.
लाइसेंस नवीनीकरण के लिए अनुज्ञा निर्गमन अधिकारी के कार्यालय में सीजन शुरू होने के अधिकतम 45 दिन के भीतर निर्धारित शुल्क जमा करते हुये अनुमति प्राप्त करना होगा.
प्रत्येक गाइड / सीनियर गाइड / क्याकर एक राफ्टिंग ट्रिप के दौरान सम्बंधित फर्म की कम से कम दो राफ्ट या एकल राफ्ट के संचालन की सफर दशा में न्यूनतम एक सेफ्टी क्याक के साथ नदी के स्ट्रेच में राफ्टिंग / क्याकिंग का संचालन करना होगा.
राफ्टिंग / क्याकिंग संचालन के समय लाइफ जैकेट और हैलमेट, जोकि सुरक्षा के दृष्टिगत राष्ट्रीय / अंतरराष्ट्रीय मानकों से मेल खाते हो एवं प्रमाणित होना चाहिए.
अधिकतम उम्र 60 साल से अधिक नहीं होनी चाहिए. साथ ही 50 साल से अधिक आयु के रिवर गाईडों / सेफ्टी क्याकर को हर साल राजकीय मेडिकल बोर्ड से राफ्टिंग संचालन के लिए स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र लेकर प्रस्तुत करना होगा.
नियमावली में गाईड की ओर से फर्म बदलने पर विभाग की ओर से जारी परिचय पत्र प्रभावी नहीं रहेगा.
हर राफ्टिंग / क्याकिंग गाइड के परिचय पत्र का नवीनीकरण हर पांच साल के बाद किया जायेगा. जिसका आवेदन, परिचय पत्र की वैधता समाप्ति के 90 दिनों से पहले करना होगा.
नवीनीकरण के बिना राफ्टिंग संचालन करने वाले ऑपरेटर की राफ्ट जब्त करते हुये 50,000 रुपए प्रतिराफ्ट की दर से जुर्माना वसूला जाएगा. दोबारा गलती करने पर निरस्त की जा सकेगी.
अवैध राफ्टिंग का संचालन पाये जाने पर राफ्ट जब्त की जायेगी. साथ ही संचालनकर्ता एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा.
राफ्टिंग/ क्याकिंग के दौरान दुर्घटना / पर्यटकों के साथ दुर्व्यवहार, धोखाधड़ी जैसे मामले की पुष्टि होने पर लाइसेंस रद्द और रिवर गाईड का परिचय पत्र निरस्त किया जायेगा.
ये भी हैं प्रमुख बिंदु
राफ्टिंग के दौरान रिवर गाईड की ओर से गो प्रो कैमरा का इस्तेमाल करने पर 10,000 रुपए का जुर्माना लगेगा.
राफ्टिंग के दौरान खराब, क्षतिग्रस्त एवं निर्धारित मानकों से न्यून मानकों के उपकरणों का प्रयोग पाये जाने पर 5000 रुपए का जुर्माना लगेगा.
उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद् की अनुमति के बिना लाइसेंस ट्रांसफर करने पर उस संचालक को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा

शहरयार आसिम
सम्पादक – काशीपुर समय
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