19 मौतें, 300 घायल… नेपाल में हिंसक प्रदर्शन से बिगड़ते हालात को लेकर बॉर्डर पर हाई अलर्ट

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दार्जिलिंग: नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने देश में जारी सरकार विरोधी जबर्दस्त प्रदर्शनों के मद्देनजर मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. सोशल मीडिया साइटों पर सरकार के प्रतिबंध के खिलाफ नेपाल के युवाओं ने प्रदर्शन किया. छात्र-युवा आंदोलन के कारण पड़ोसी देश में उथल-पुथल मची हुई है.

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पों में अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, कम से कम 300 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों के घायल होने की सूचना है. सोमवार को नेपाल में भीषण हिंसा भड़कने के बाद इस प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली, कृषि मंत्री और कानून मंत्री समेत सात अन्य मंत्रियों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.

नेपाल के आंदोलन का असर सीमावर्ती राज्यों तक न फैले, इसके लिए भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है. भारत-नेपाल बॉर्डर पर स्थित जल शक्ति केंद्रों पर माहौल तनावपूर्ण है. केंद्र और राज्य सरकारों ने नेपाल के आंदोलन का असर किसी भी तरह से इस देश तक न फैले, इसके लिए कई उपाय किए जा रहे हैं.

भारत की नेपाल के साथ लगभग 1,751 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है. पांच भारतीय राज्य उत्तराखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, सिक्किम और पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे हैं. नेपाल के मौजूदा हालात को देखते हुए, पांचों राज्यों की सीमा पर गतिविधियां बढ़ गई हैं.

नेपाल युवाओं के आंदोलन से सुलग रहा है. वहां के हालात और भारत-नेपात बॉर्डर पर यह सबकुछ साफ दिखाई दे रहा है. नेपाल की सीमा पर टायर जलाकर प्रदर्शनकारी विरोध में शामिल हो गए हैं. वहां दो लोगों के मरने की भी खबर आई है जिसके चलते बिना कोई जोखिम उठाए सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. वहां अतिरिक्त सेना की तैनाती की गई है. रक्षा मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है.

मंगलवार सुबह से ही पुलिस ने नाकों पर जांच शुरू कर दी है. जहां हर दिन करीब छह से सात हजार लोग सीमा पार करते थे, वहां आज माहौल गतिरोध जैसा है. इक्का-दुक्का कारें ही सीमा पार कर रही हैं. सीमा पार करने वाले हर वाहन की तलाशी ली जा रही है. डॉग स्क्वॉड तैनात किए गए हैं. पुलिस हर वाहन के चालक व यात्रियों के नाम व अन्य जानकारी जुटा रही है. सीमा के दोनों ओर सैकड़ों ट्रक फंसे हुए हैं.

करीब 100 भारतीय ट्रक चालक नेपाल सीमा पर फंसे हुए हैं. इनमें कई पर्यटक भी हैं. ऐसे में दार्जिलिंग जिला पुलिस ने नेपाल में फंसे भारतीयों के लिए 24 घंटे नियंत्रण कक्ष खोल दिया है. दार्जिलिंग के पुलिस अधीक्षक प्रवीण प्रकाश आज सुबह से ही भारत-नेपाल पानीटंकी सीमा पर स्थिति का जायजा ले रहे हैं.

आज सीमा का दौरा करने वाले प्रवीण प्रकाश ने कहा कि, सीमा पर घर-घर तलाशी शुरू कर दी गई है. हालांकि इस तरफ कोई अशांति नहीं है, फिर भी वे सतर्क हैं. भारत नेपाल पुलिस के संपर्क में हैं. एसएसबी भी सतर्क है. अगर किसी भारतीय को नेपाल में कोई समस्या आती है, तो दार्जिलिंग जिला पुलिस हेल्पलाइन पर कॉल कर सकते हैं, यहां से यथासंभव मदद की जाएगी.

दूसरी तरफ से आए पर्यटकों और भारतीयों के चेहरों पर दहशत के भाव हैं. प्रदर्शनकारियों के दबाव, पुलिस की गोलीबारी, लाठीचार्ज और पानी की बौछारों के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए, वहां फंसे भारतीय जल्द से जल्द नेपाल छोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. हावड़ा के अमता निवासी मलय दत्ता ने कहा कि, नेपाल में हालात बहुत खराब हैं. स्थिति और भी बदतर होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि, वे काठमांडू में थे, हालात बिगड़ता देख उन्हें वापस लौटना पड़ा.

नेपाल के छात्र और युवा सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. नेपाल युवाओं के विद्रोह की आग में जल रहा है. सोमवार को उनके विरोध प्रदर्शन ने राजधानी काठमांडू को आग के हवाले कर दिया. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गोलीबारी की. इस दौरान कम से कम 19 प्रदर्शनकारी मारे गए. मंगलवार सुबह स्थिति और भी खतरनाक हो गई. प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री कार्यालय में घुस गए. जिसके बाद दबाव में आकर केपी शर्मा ओली ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया.

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