हल्द्वानी में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की टीम की सेवाएं और प्रगतिस्थान

Share this news

KASHIPUR SAMAY NEWS

Share this news

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के निर्देश पर हरिद्वार से एक प्रतिनिधिमंडल, जनाब मास्टर एहसान इलाही साहब (जनरल सेक्रेटरी उत्तराखंड), जनाब मौलाना मोहम्मद हारून साहब (सदर जमीयत उलेमा हरिद्वार), जनाब मौलाना मोहम्मद अरशद साहब (कन्वीनर जमीयत मॉडल विलेज हरिद्वार), मौलाना सऊद आलम (खादिम जमीयत मॉडल विलेज) और हरिद्वार के विलेज चैंपियन हज़रत के साथ हल्द्वानी पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल के आने का उद्देश्य यहां के लोगों का मार्गदर्शन करना और सरकार की ओर से जारी किए गए फॉर्म भरने की प्रक्रिया में सहायता प्रदान करना था।



हल्द्वानी पहुंचने के बाद जिला जमीयत के जिम्मेदारों से मुलाकात की गई और सरकार द्वारा स्थापित किए गए कैंपों का निरीक्षण किया गया। इस अवसर पर जनाब अब्दुल कादिर फारमर साहब (सेक्रेटरी जमीयत उलेमा उत्तराखंड), मुफ्ती अब्दुल बासित साहब (सदर जमीयत उलेमा नैनीताल) और कारी अब्दुल मोईद साहब (सदर शहरी जमीयत उलेमा हल्द्वानी) भी मौजूद रहे। इस दौरान प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों से भी मुलाकात हुई और उन्हें बताया गया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद की टीम जनता की सेवा और मार्गदर्शन के लिए यहां आई है, ताकि लोग आसानी से अपने फॉर्म भर सकें। प्रशासन की ओर से इस पहल की सराहना की गई।


यहां आने से पहले लोगों के बीच एक गलतफहमी फैल गई थी कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद इस फॉर्म को भरने से मना कर रही है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग फॉर्म नहीं भर रहे थे। अलहम्दुलिल्लाह, जमीयत की टीम के पहुंचने के बाद यह गलतफहमी दूर हुई और लोगों में विश्वास पैदा हुआ, जिसके परिणामस्वरूप फॉर्म भरने की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो गई और पिछले दिनों के मुकाबले काम में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।



प्रशासन की ओर से लगभग साढ़े आठ हजार फॉर्म वितरित किए गए हैं, लेकिन उनमें से अब तक 1500 से अधिक फॉर्म ही जमा हो पाए हैं। जमीयत की टीम के मार्गदर्शन और जागरूकता के बाद फॉर्म भरने का काम तेज हुआ और बड़ी संख्या में लोग इस ओर आकर्षित हुए।

जिला जमीयत की सलाह से यह तय किया गया कि सरकारी कैंपों में ही जमीयत उलेमा-ए-हिंद के स्वयंसेवक और विलेज चैंपियन बैठकर लोगों का मार्गदर्शन करेंगे। इसके तहत हरिद्वार से आए 7 विलेज चैंपियन को हल्द्वानी के विभिन्न कैंपों में तैनात किया गया, जहां उन्होंने व्यावहारिक रूप से लोगों के फॉर्म भरने में मदद की। स्थानीय स्तर पर भी लगभग 12 लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर इस सेवा में सहयोग किया, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं।



हल्द्वानी में पांच प्रमुख स्थानों पर कैंप लगाए गए:
• रेलवे स्टेशन
• लाल स्कूल
• लाल मस्जिद के सामने
• इंटर कॉलेज
• कारी अब्दुल मोईद साहब (सदर शहरी जमीयत) के यहां प्रशिक्षण कैंप

इन कैंपों में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्लेटफॉर्म से लोगों को प्रशिक्षण भी दिया गया और व्यावहारिक सहायता भी प्रदान की गई।

इसके अलावा, जुमे के दिन विभिन्न मस्जिदों में इस मुद्दे पर बातचीत की गई, जिसके परिणामस्वरूप लगभग 20 नए स्वयंसेवक इस सेवा के लिए तैयार हुए, जो आने वाले दिनों में इस कार्य को आगे बढ़ाएंगे।

यह भी उल्लेखनीय है कि 8 फरवरी की घटना के बाद हल्द्वानी में एक भय का माहौल बना हुआ है, जिसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए तुरंत आगे नहीं आ पाते। ऐसे माहौल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की टीम की मौजूदगी ने लोगों के हौसले बढ़ाए और विश्वास बहाल करने की कोशिश की।



अलहम्दुलिल्लाह, कुछ दिनों की लगातार मेहनत के परिणामस्वरूप फॉर्म भरने का कार्य पहले की तुलना में तीन से चार गुना तक बढ़ गया और बड़ी संख्या में लोग इस अभियान से जुड़ गए।

अंत में यह तय किया गया कि जो स्थानीय लोग इस कार्य से जुड़ चुके हैं, उन्हें संगठित करके इस सेवा को निरंतर जारी रखा जाएगा और जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से एक जिम्मेदार व्यक्ति की निगरानी में यह सिलसिला आगे बढ़ता रहेगा, ताकि लोगों को निरंतर मार्गदर्शन और सुविधा मिलती रहे।इसी सिलसिले में हज़रत मौलाना मोहम्मद जलीस साहब, नायब सदर जमीयत उलेमा उत्तराखंड भी तशरीफ़ लाए और पूरे इलाके का दौरा किया।
दौरे के दौरान उन्होंने कैंप की गतिविधियों का जायज़ा लिया, ज़िम्मेदार लोगों से मुलाकात की और जारी कामों पर इत्मीनान का इज़हार किया।

अंत में यह प्रतिनिधिमंडल सभी स्थानीय जिम्मेदारों का दिल से शुक्रिया अदा करता है, खासतौर पर अब्दुल कादिर फारमर साहब, मुफ्ती अब्दुल बासित साहब और कारी अब्दुल मोईद साहब, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से यह सेवा सफलतापूर्वक पूरी हो सकी और यह सफर मुकम्मल हुआ।

सऊद आलम
ہلدوانی میں جمعیت علمائے ہند کی ٹیم کی خدمات اور پیش رفت
مقام: ہلدوانی، ضلع نینی تال

جمعیت علمائے ہند کی ہدایت پر ہردوار سے ایک وفد جناب ماسٹر احسان الٰہی صاحب (جنرل سیکریٹری اتراکھنڈ)، جناب مولانا محمد ہارون صاحب (صدر جمعیت علمائے ہردوار)، جناب مولانا محمد ارشد صاحب (کنوینر جمعیت ماڈل ولیج ہردوار)، مولانا سعود عالم (خادم جمعیت ماڈل ولیج) اور ہردوار کے ولیج چیمپین حضرات کے ساتھ ہلدوانی پہنچا۔ اس وفد کی آمد کا مقصد یہاں کے عوام کی رہنمائی کرنا اور حکومت کی جانب سے جاری فارم بھرنے کے عمل میں لوگوں کی مدد فراہم کرنا تھا۔

ہلدوانی پہنچنے کے بعد ضلع جمعیت کے ذمہ داران سے ملاقات کی گئی اور حکومت کی طرف سے قائم کیے گئے کیمپوں کا معائنہ کیا گیا۔ اس موقع پر جناب عبدالقادر فارمر صاحب (سیکریٹری جمعیت علماء اتراکھنڈ)، مفتی عبدالباسط صاحب (صدر جمعیت علماء نینی تال) اور قاری عبدالمعید صاحب (صدر شہری جمعیت علماء ہلدوانی) بھی موجود رہے۔ اس دوران انتظامیہ اور پولیس کے ذمہ داران سے بھی ملاقات ہوئی اور انہیں بتایا گیا کہ جمعیت علمائے ہند کی ٹیم عوام کی خدمت اور رہنمائی کے لیے یہاں آئی ہے تاکہ لوگ آسانی کے ساتھ اپنے فارم بھر سکیں۔ انتظامیہ کی جانب سے اس اقدام کو سراہا گیا۔

یہاں آنے سے پہلے عوام کے درمیان ایک غلط فہمی پھیل گئی تھی کہ جمعیت علمائے ہند اس فارم کو بھرنے سے منع کر رہی ہے۔ اسی وجہ سے ایک بڑی تعداد فارم نہیں بھر رہی تھی۔ الحمدللہ جمعیت کی ٹیم کے پہنچنے کے بعد یہ غلط فہمی دور ہوئی اور لوگوں میں اعتماد پیدا ہوا، جس کے نتیجے میں فارم بھرنے کا عمل تیزی سے شروع ہوگیا اور گزشتہ دنوں کے مقابلے میں کام میں نمایاں اضافہ ہوا۔

انتظامیہ کی طرف سے تقریباً ساڑھے آٹھ ہزار فارم تقسیم کیے گئے ہیں، لیکن ان میں سے اب تک 1500 سے زائد فارم ہی جمع ہو سکے ہیں۔ جمعیت کی ٹیم کی رہنمائی اور بیداری کے بعد فارم بھرنے کا عمل تیز ہوا اور لوگوں کی بڑی تعداد اس طرف متوجہ ہوئی۔

ضلع جمعیت کے مشورے سے یہ طے کیا گیا کہ سرکاری کیمپوں ہی میں جمعیت علمائے ہند کے رضاکار اور ولیج چیمپین حضرات بیٹھ کر عوام کی رہنمائی کریں گے۔ چنانچہ ہردوار سے آئے 7 ولیج چیمپین کو ہلدوانی کے مختلف کیمپوں میں متعین کیا گیا، جہاں انہوں نے عملی طور پر لوگوں کے فارم بھرنے میں مدد فراہم کی۔ مقامی سطح پر بھی تقریباً 12 افراد نے مختلف مقامات پر اس خدمت میں تعاون کیا، جن میں خواتین بھی شامل تھیں۔

ہلدوانی میں پانچ اہم مقامات پر کیمپ منعقد کیے گئے:
• ریلوے اسٹیشن
• لال اسکول
• لال مسجد کے سامنے
• انٹر کالج
• قاری عبدالمعید صاحب (صدر شہری جمعیت) کے یہاں تربیتی کیمپ

ان کیمپوں میں جمعیت علمائے ہند کے پلیٹ فارم سے لوگوں کو تربیت بھی دی گئی اور عملی مدد بھی فراہم کی گئی۔

مزید یہ کہ جمعہ کے دن مختلف مساجد میں اس مسئلہ پر گفتگو کی گئی، جس کے نتیجے میں تقریباً 20 نئے رضاکار اس خدمت کے لیے تیار ہوئے جو آئندہ دنوں میں اس کام کو آگے بڑھائیں گے۔

یہ بات بھی قابل ذکر ہے کہ 8 فروری کے واقعہ کے بعد ہلدوانی میں ایک خوف کا ماحول پایا جاتا ہے جس کی وجہ سے مختلف علاقوں کے لوگ ایک دوسرے کی مدد کے لیے فوری طور پر آگے نہیں آ پاتے۔ ایسے ماحول میں جمعیت علمائے ہند کی ٹیم کی موجودگی نے لوگوں کے حوصلے بلند کیے اور اعتماد بحال کرنے کی کوشش کی۔

الحمدللہ چند دنوں کی مسلسل محنت کے نتیجے میں فارم بھرنے کا عمل پہلے کے مقابلے میں تین سے چار گنا تک بڑھ گیا اور بڑی تعداد میں لوگ اس مہم سے جڑ گئے۔

آخر میں یہ طے کیا گیا کہ جو مقامی افراد اس کام سے جڑ چکے ہیں انہیں منظم کر کے اس خدمت کو مسلسل جاری رکھا جائے گا اور جمعیت علمائے ہند کی طرف سے ایک ذمہ دار فرد کی نگرانی میں یہ سلسلہ آگے بڑھتا رہے گا تاکہ عوام کو مستقل رہنمائی اور سہولت فراہم ہوتی رہے۔

آخر میں یہ وفد تمام مقامی ذمہ داران کا تہہ دل سے شکریہ ادا کرتا ہے، بالخصوص عبدالقادر فارمر صاحب، مفتی عبدالباسط صاحب اور قاری عبدالمعید صاحب جن کے تعاون اور رہنمائی سے یہ خدمت بخوبی انجام پا سکی اور یہ سفر پایۂ تکمیل کو پہنچا۔

سعود عالم

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error:Content is protected !!