जसपुर – नाबालिग से दुष्कर्म और निर्मम हत्या का राज़ बेनक़ाब 12 घंटे में पुलिस का बड़ा खुलासा

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जसपुर (काशीपुर समय) – कोतवाली जसपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमियावाला में 16 सितंबर को हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे गाँव और आसपास के क्षेत्र को हिला दिया। गाँव की एक नाबालिग किशोरी शाम के समय पशुओं के लिए गन्ने का छिलका लेने घर से निकली थी, लेकिन इसी दौरान गाँव का ही युवक राजीव पुत्र मोहन सिंह (उम्र 20 वर्ष) उसकी हरकतों पर नज़र रखे हुए था। मौका पाकर आरोपी किशोरी के पीछे-पीछे खेत तक गया और उसे जबरन अंदर खींच ले गया।

आरोपी ने पहले किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने विरोध किया तो उसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। उसका हाथ मरोड़कर तोड़ दिया, गला दबाकर बेहोश किया और फिर धारदार ब्लेड से चेहरे व पेट पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी।
एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि मृतका का शव घर से 150 मीटर दूर गन्ने के खेत से बरामद हुआ। मासूम बच्ची की निर्मम हत्या से गाँव में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल कठोर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने बताया कि मृतका की माँ की तहरीर पर कोतवाली जसपुर में एफआईआर संख्या 405/25, धारा 103(1)/64(1) BNS व पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

एस एस पी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संज्ञान लिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने वारदात का जल्द से जल्द अनावरण करने के लिए 10 पुलिस टीमों का गठन किया और साफ निर्देश दिए कि अपराधी किसी भी हाल में बच न पाए। इसमें पुलिस अधीक्षक अपराध निहारिका तोमर, पुलिस अधीक्षक काशीपुर अभय प्रताप सिंह तथा पुलिस उपाधीक्षक काशीपुर दीपक सिंह के नेतृत्व में गठित टीमों ने फोरेंसिक विशेषज्ञों, मोबाइल फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए। डॉग स्क्वॉड का “ डॉग टाइगर ” घटनास्थल से सीधे मृतका के घर पहुँचा और उसके बाद आरोपी के घर जाकर उसके कपड़ों को सूंघकर (पहचान कर) इंडिकेट किया। यह सुराग जांच में निर्णायक साबित हुआ।

आरोपी ने अपने दोस्तों व परिवार वालों को बताया था कि पास वाले गन्ने के खेत से बच्चे के रोने की आवाज आ रही है, परन्तु घटनास्थल की दूरी लगभग 150 मीटर गन्ने के खेत में थी, जहाँ से आवाज का आना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था।

पुलिस ने गाँव में डोर-टू-डोर पूछताछ की। उन युवकों की लिस्ट तैयार की गई जो पहले आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे थे या थाने में लाए गए थे। बाहरी लोगों की गतिविधियों पर भी नज़र डाली गई। इसी दौरान राजीव पर पुलिस का शक गहराया। उसका व्यवहार और बयान बदलते रहना संदेहास्पद लगा। जब आरोपी को हिरासत में लेकर सघन पूछताछ की गई तो पहले वह बचने की कोशिश करता रहा, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रत्यक्ष प्रमाणों के सामने टूट गया और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने कबूल किया कि बच्ची को खेत में अकेला पाकर उसने दुष्कर्म किया और पहचान उजागर होने के डर से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, घटना के बाद आरोपी गाँव में लोगों को भड़काने और मामले को दूसरी दिशा देने की भी कोशिश करता रहा।
आरोपी राजीव पुत्र मोहन सिंह पर पूर्व में भी कोतवाली जसपुर में मुकदमा दर्ज है ।

इस कार्रवाई ने जहाँ मृतका के परिजनों को न्याय की उम्मीद दिलाई है, वहीं ग्रामीणों के बीच पुलिस की साख और विश्वास और भी मजबूत हुआ है। यह मामला पुलिस की सजगता, संवेदनशीलता और अपराध के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस नीति का सशक्त उदाहरण है।

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