रुद्रपुर|- उधम सिंह नगर के काशीपुर में आवारा कुत्तों के आतंक से छुटकारा दिलाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां बेहद कमजोर नजर आ रही हैं. काशीपुर के एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय में एंटी रेबीज इंजेक्शन की भारी कमी ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. हालात ऐसे हैं कि कुत्ते के काटने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए बाजार से महंगे इंजेक्शन खरीदने को मजबूर हैं.
🔴 अस्पताल में बढ़ा स्वास्थ्य संकट
उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में स्थित एलडी भट्ट उप जिला चिकित्सालय इन दिनों गंभीर स्वास्थ्य संकट से जूझ रहा है. अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन की भारी कमी ने मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ा दी है. कुत्तों के काटने के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है, लेकिन अस्पताल में जरूरी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
🔴 मरीजों को बाजार से खरीदने पड़ रहे इंजेक्शन
मरीज विशाल कुमार और तीमारदार स्वर्ण कौर के अनुसार, कुत्तों के काटने के मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं. लेकिन उन्हें वहां से यह कहकर लौटा दिया जाता है कि एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है. मजबूरी में मरीजों को बाजार से करीब 400 रुपए में इंजेक्शन खरीदकर लाना पड़ रहा है, जिसके बाद ही अस्पताल में उन्हें लगाया जा रहा है. यह स्थिति खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए बेहद चिंताजनक है.
🔴 स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल
स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए मरीजों का कहना है कि सरकारी अस्पताल अब सिर्फ नाम के रह गए हैं. यहां न तो पर्याप्त दवाइयां मिल रही हैं और न ही जीवनरक्षक इंजेक्शन उपलब्ध हैं. ऐसे में लोगों को निजी खर्च उठाकर इलाज करवाना पड़ रहा है, जो हर किसी के बस की बात नहीं है.
🔴 ओपीडी बढ़ी, संसाधनों की कमी उजागर
गौरतलब है कि एलडी भट्ट चिकित्सालय पहले से ही चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा था. हालांकि हाल ही में महिला फिजिशियन डॉक्टर कीर्ति मेहता के पदभार संभालने के बाद अस्पताल की ओपीडी में सुधार देखने को मिला है. पहले जहां प्रतिदिन 200 से 250 मरीज ही ओपीडी में आते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 500 से 700 तक पहुंच गई है. लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ संसाधनों की कमी और अधिक उजागर हो गई है.
🔴 2 मार्च से सप्लाई ठप, रोज 15-20 मरीज पहुंच रहे
2 मार्च से अस्पताल में इंजेक्शन की आपूर्ति ठप पड़ी है. एंटी रेबीज इंजेक्शन देहरादून से सप्लाई होते हैं, लेकिन वहां भी इस समय भारी कमी चल रही है. फार्मासिस्ट द्वारा इंजेक्शनों की मांग की गई थी. लेकिन हजार की मांग के मुकाबले केवल 10 इंजेक्शन ही उपलब्ध हो पाए हैं. जबकि रोज करीब 15 से 20 मरीज एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाने के लिए पहुंच रहे हैं.
— डॉ. अमरजीत सिंह साहनी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी —

शहरयार आसिम
सम्पादक काशीपुर समय
कार्यालय – नई अनाज मंडी, सरबरखेड़ा, काशीपुर
संपर्क – +91 8077 966 747
