काशीपुर|- उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में शामिल काशीपुर के मां बाल सुंदरी देवी मंदिर परिसर में आयोजित होने वाले चैती मेले के लिए इस वर्ष की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस प्रक्रिया के बाद प्रशासन को मिलने वाले राजस्व में पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 49 लाख रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह प्रक्रिया उपजिलाधिकारी अभय प्रताप सिंह की मौजूदगी में काशीपुर उपजिलाधिकारी कार्यालय में पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।
Revenue Increased by Over ₹49 Lakh Compared to Last Year – पिछले वर्ष की तुलना में 49 लाख से अधिक राजस्व वृद्धि
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष मेले से कुल 4 करोड़ 70 लाख 40 हजार 606 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का राजस्व प्राप्त हुआ है। पिछले वर्ष यह आंकड़ा 4 करोड़ 21 लाख 31 हजार 786 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) था। इस प्रकार, राजस्व में कुल 49 लाख 8 हजार 820 रुपये की वृद्धि हुई है।
Who Won the Tenders in Each Category – किसे मिला किस मद का टेंडर
दुकान एवं तहबाजारी का टेंडर देव इंटरप्राइजेज को मिला। वाहन पार्किंग का टेंडर सादिक हुसैन ठेकेदार, जबकि विद्युत एवं साउंड का टेंडर भी देव इंटरप्राइजेज के नाम खुला। झूला तमाशा एवं सर्कस का टेंडर आबिद इलेक्ट्रिक वर्क्स एंड कंपनी, रामपुर को दिया गया, और टेंट एवं बेरीकेटिंग का टेंडर हनुमन्ता ट्रेडर्स ने प्राप्त किया।
Shops and Stall Fees Become the Biggest Source of Revenue – दुकानें और तहबाजारी से सबसे अधिक आय
मेले की आय का सबसे बड़ा स्रोत दुकानें एवं तहबाजारी रही, जिसका टेंडर इस बार 2 करोड़ 63 लाख 55 हजार 932 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) में हुआ। पिछले वर्ष यह 2 करोड़ 21 लाख रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) था।
वहीं विद्युत एवं साउंड व्यवस्था का टेंडर इस वर्ष 21 लाख रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) में हुआ, जो पिछले वर्ष 16 लाख 11 हजार 777 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) में हुआ था। इन मदों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
Increase in Tenders for Rides, Entertainment and Parking as Well – झूला, तमाशा और पार्किंग के टेंडर में भी बढ़ोतरी
इसी तरह झूला व तमाशा का टेंडर इस बार 1 करोड़ 72 लाख 51 हजार 111 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) में हुआ, जबकि पिछले वर्ष यह 1 करोड़ 64 लाख 51 हजार 786 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) में हुआ था।
वहीं पार्किंग व्यवस्था का टेंडर इस बार 18 लाख 21 हजार 786 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) में संपन्न हुआ, जो कि पिछले वर्ष के 14 लाख 80 हजार रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) से अधिक है।
इस प्रकार चारों मदों को मिलाकर इस वर्ष मेले से कुल 4,70,40,606 रुपये (जीएसटी अतिरिक्त) का राजस्व प्राप्त होगा, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 49,08,820 रुपये अधिक है।
A Historic Fair Deeply Connected with Faith and Tradition – ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ा बड़ा आयोजन
प्रशासन का कहना है कि चैती मेला काशीपुर का ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ा बड़ा आयोजन है, जिसमें हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। बेहतर व्यवस्थाओं और बढ़ती भागीदारी के चलते इस वर्ष टेंडर राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे सरकारी राजस्व में भी इजाफा हुआ है।

शहरयार आसिम
सम्पादक काशीपुर समय
कार्यालय – नई अनाज मंडी, सरबरखेड़ा, काशीपुर
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