📍 लोकेशन: काशीपुर
🖊️ रिपोर्ट: आकाश गुप्ता
इसे प्रशासन की हीलाहवाली कहें या महज खानापूर्ति—यह सवाल एक बार फिर खड़ा हो गया है। हाल ही में बाजपुर में भूसे से भरा डंपर कार पर पलटने से एक व्यक्ति की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन ने ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान चलाया, लेकिन यह कार्रवाई केवल दो-तीन दिन में ही सिमट कर रह गई।
अब हालात फिर पहले जैसे हो गए हैं। बाईपास से लेकर शहर की सड़कों तक ओवरलोड वाहनों का दौड़ना जारी है। बीती रात मानपुर रोड और गुरुद्वारा रोड पर चार ट्रैक्टर-ट्रालियां भूसे से ओवरलोड होकर पूरी सड़क घेरते हुए चलती दिखाई दीं, जिससे यातायात बाधित हुआ और कई जगह जाम की स्थिति बन गई।

चौंकाने वाली बात यह रही कि इन ट्रैक्टरों पर आगे-पीछे कोई नंबर प्लेट नहीं थी। ऐसे में अगर कोई हादसा होता है तो जिम्मेदारी तय करना बेहद मुश्किल हो सकता है।
चालकों ने बताया कि वे भूसा प्रतापपुर क्षेत्र से भरकर जसपुर और ठाकुरद्वारा की ओर ले जा रहे हैं। हैरानी की बात यह भी है कि रास्ते में किसी भी चेक पोस्ट पर उनकी जांच नहीं हुई—और उनके शब्दों में, “सब चलता है।”
सवाल उठता है कि जब जिले में जगह-जगह चेक पोस्ट और सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, तो फिर इन ओवरलोडिंग वाहनों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? अगर समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो किसी बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

शहरयार आसिम
सम्पादक काशीपुर समय
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