उत्तराखंड – पिछले तीन वर्षों में बने स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की होगी व्यापक जांच

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|काशीपुर|

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देहरादून (काशीपुर समय) शहरयार आसिम
राज्य सरकार ने पिछले तीन सालों के भीतर बनाए गए सभी स्थायी निवास प्रमाणपत्रों की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। सोमवार को आयोजित वर्चुअल बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को यह निर्देश दिए।

हाल ही में हल्द्वानी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति द्वारा उत्तराखंड का स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाए जाने का मामला सामने आया था। इस गंभीर प्रकरण के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए बाहरी लोगों को राज्य का निवासी दिखाए जाने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की सुरक्षा और सामाजिक ढांचे के लिए अत्यंत संवेदनशील विषय है, इसलिए प्रमाणपत्रों की जांच तत्काल शुरू की जाए। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों या व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

धामी ने अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों की सघन चेकिंग और सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री ने दिए ये अतिरिक्त निर्देश

आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों को तेज़ी से पूरा किया जाए।
ठंड से बचाव के लिए उचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।
पर्यटन स्थलों पर सड़क, पेयजल, पार्किंग आदि की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए।
‘इज फ्री उत्तराखंड’ अभियान के तहत पीड़ितों के लिए पृथक टीमें बनाई जाएं।
अस्पतालों में महिला और बाल रोग विशेषज्ञों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने की कार्यवाही की जाए।
दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।

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